
सोमवार से भारतीय वायदा बाजार की तस्वीर बदलने जा रही है। मार्केट रेगुलेटर सेबी के फैसले के मुताबिक 8 दिसंबर यानी सोमवार से वायदा में भी प्री-मार्केट सेशन होगा। अब तक प्री-मार्केट सेशन सिर्फ कैश मार्केट में हुआ करता था। पहला बार वायदा कारोबार में भी प्री-मार्केट सेशन शुरू हो रहा है।
वायदा में प्री-मार्केट ट्रेड की टाइमलाइन
बाजार खुलने से पहले सुबह 9 बजे से 9 बजकर 15 के बीच 15 मिनट का प्री-मार्केट सेशन होगा। इस 15 मिनट के प्री-ओपन सेशन में भी कई हिस्से होंगे
9:00 – 9:08 AM → ऑर्डर एंट्री, मॉडिफाई, कैंसिल
9:08 – 9:12 AM → ऑर्डर मैचिंग और ट्रेड कन्फर्मेशन
9:12 – 9:15 AM → सामान्य सत्र से पहले का बफर
प्री-मार्केट में किनमें ट्रेडिंग ?
-मौजूदा महीने के फ्यूचर्स (स्टॉक और इंडेक्स)
-मंथली एक्सपायरी के 5 दिन पहले अगले महीने के फ्यूचर्स
प्री-मार्केट में किनमें ट्रेडिंग नहीं?
-ऑप्शंस या स्प्रेड कॉन्ट्रैक्ट्स
-कॉरपोरेट-एक्शन के एक्स-डेट के दिन
कैसे काम करेगा वायदा में प्री-मार्केट?
-कॉल ऑक्शन पूल के जरिये ऑर्डर कलेक्ट होंगे
-जिस भाव पर सबसे ज्यादा वॉल्यूम होगा, वो ओपनिंग भाव
-जो ऑर्डर मैच नहीं होंगे वो रेगुलेर सेशन में शिफ्ट हो जाएंगे
-मैचिंग के दौरान बिड्स में बदलाव की इजाजत नहीं होगी
बेहतर तरीके से मैनेज होगा रिस्क
-ऑर्डर से स्वीकार करने से पहले मार्जिन चेक होगा
-प्री-मार्केट में सेल्फ ट्रेड प्रीवेंशन यानी STPC एक्टिव होगा
-इक्विलिबिरियम प्राइस से लिमिट और मार्केट प्राइस प्रोटेक्शन होगा
वायदा में प्री-मार्केट अहम क्यों?
वायदा में प्री-मार्केट से प्राइस डिस्कवरी में मदद मिलेगी। साथ ही इससे ओपनिंग ट्रेड में उतार-चढ़़ाव कम हो सकेगा। प्राइस डिस्कवरी में पारदर्शिता आएगी।
वायदा में बड़े गैप-अप या गैप-डाउन से बचने में मदद मिलेगी